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सारण के जलालपुर पहुंचे सीएम नीतीश कुमार: 'पूर्वी धुन' के जनक पंडित महेंद्र मिश्र को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

 

सारण, बिहार। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का सारण दौरा इस बार बेहद खास रहा। सीएम नीतीश कुमार जलालपुर पहुंचे, जहां उन्होंने भोजपुरी जगत के महान लोककवि, स्वतंत्रता सेनानी और 'पूर्वी धुन' के जनक पंडित महेंद्र मिश्र की भव्य प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

जलालपुर बाजार के महेंद्र चौक पर आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पंडित महेंद्र मिश्र के ऐतिहासिक योगदान को याद किया और उनकी विरासत को सम्मान दिया।

जनता और समर्थकों का उमड़ा हुजूम

मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जलालपुर और आसपास के इलाकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच हजारों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण और राजनीतिक कार्यकर्ता वहां पहुंचे। इस दौरान अपनी विभिन्न मांगों और फरियादों को लेकर भी लोग मुख्यमंत्री से मिलने को बेताब दिखे।

साथ ही, कार्यक्रम स्थल पर मौजूद समर्थकों के एक बड़े हुजूम ने पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह की रिहाई की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी भी की, जिसने इस दौरे को राजनीतिक रूप से भी काफी चर्चा में ला दिया है।

क्यों खास है पंडित महेंद्र मिश्र की विरासत?

जो लोग नहीं जानते, उन्हें बता दें कि पंडित महेंद्र मिश्र सिर्फ एक अद्भुत संगीतकार नहीं थे, जिन्होंने भोजपुरी को "अंगुरी में डसले बिया नगीनिया..." जैसे अमर गीत दिए; बल्कि वे आजादी के आंदोलन के एक गुप्त नायक भी थे। उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई में क्रांतिकारियों की आर्थिक मदद करने के लिए खुद के प्रिंटिंग प्रेस से जाली नोट तक छापे थे, ताकि ब्रिटिश हुकूमत की अर्थव्यवस्था को कमजोर किया जा सके।

ऐसे महान स्वतंत्रता सेनानी की धरती पर मुख्यमंत्री का पहुंचना और उन्हें राजकीय सम्मान देना सारण के गौरव इतिहास को एक बार फिर से जीवंत करता है।

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