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अधिग्रहित भूमि का मुआवजा नहीं मिलने पर भूमिधारकों ने रोका गंडक पुल का निर्माण कार्य, तरैया के चंचलिया में बैठक

 

Taraiya Chanchaliya Gandak River Bridge Construction Compensation Dispute Meeting Chhapra News
तरैया: चंचलिया पंचायत भवन में मुआवजा भुगतान में हो रही देरी को लेकर किसानों व भूमिधारकों के साथ बैठक करते राजद नेता शैलेन्द्र प्रताप सिंह।

तरैया/छपरा (छपरा तक): सारण जिले के तरैया प्रखंड अंतर्गत चंचलिया पंचायत के चंचलिया दियारा में गंडक नदी पर बन रहे पुल का निर्माण कार्य पिछले चार दिनों से ठप पड़ा हुआ है। भूमि अधिग्रहण के बदले अब तक मुआवजा राशि का भुगतान न होने से नाराज भूमिधारकों और किसानों ने निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है।

आश्वासन से नाराज किसानों ने बुलाई बैठक

स्थानीय किसानों का कहना है कि दियारे में पुल का निर्माण कार्य पिछले दो महीनों से चल रहा है, लेकिन जमीन अधिग्रहण के बदले उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा है। इसी समस्या को लेकर शनिवार को चंचलिया पंचायत भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राजद के वरिष्ठ नेता सह तरैया विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी शैलेन्द्र प्रताप सिंह विशेष रूप से मौजूद रहे। उन्होंने आक्रोशित किसानों को समझा-बुझाकर शांत कराया और पूरी समस्या की जानकारी ली।

15.5 एकड़ जमीन का हो रहा अधिग्रहण, टोपोलैंड पर फंसा पेंच

पुल और एप्रोच सड़क के निर्माण के लिए चंचलिया पंचायत के लगभग 60 भूमिधारकों की करीब 15.5 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जा रही है। दियारा क्षेत्र की जमीन को टोपोलैंड की श्रेणी में बताकर मुआवजे की प्रक्रिया में पेंच फंसाया जा रहा है। इस पर किसानों ने कड़ी आपत्ति जताते हुए सवाल उठाया कि जब जमीन का नियमित रूप से लगान जमा किया जा रहा है, रसीद कट रही है और खरीद-बिक्री तथा रजिस्ट्री होती आ रही है, तो मुआवजा देने में टोपोलैंड का अड़ंगा क्यों लगाया जा रहा है।

सीओ ने 10 दिनों में रिपोर्ट भेजने का दिया आश्वासन

बैठक के दौरान राजद नेता शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने तरैया के अंचल अधिकारी (CO) अजय कुमार से मोबाइल पर बात कर मुआवजे के भुगतान की अद्यतन स्थिति जानी। सीओ ने बताया कि 10 दिनों के भीतर भूमि से संबंधित सभी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी कर रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को भेज दी जाएगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।

बैठक में ये लोग रहे मौजूद

इस बैठक में अमरनाथ सिंह, मुखिया नंदकिशोर साह, दिलीप राम, अरविंद सिंह, सोनू सिंह, संजय यादव, संजीव सिंह, धर्मेंद्र राय, पंचू राय, विनोद नारायण सिंह, प्रेम प्रताप सिंह, कौशल किशोर सिंह, भोला राय, लक्ष्मण सिंह सहित बड़ी संख्या में प्रभावित किसान और भूमिधारक उपस्थित थे।

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