तरैया,(सारण)। पानापुर के सरौजा-भगवानपुर के समीप एक अक्टूबर को टूटे सारण तटबंध से कई इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया था। बाढ़ का पानी पांचवें दिन तरैया पहुंच गया। विभिन्न नदियों व नालों के रास्ते पानी सानी खराटी पहुंचा, जहां नवनिर्मित पुल के डायवर्सन में लगे ह्यूम पाइप से पानी खदरा नदी में गिरने लगा। बाढ़ का पानी पहुंचने के बावजूद फिलहाल स्थिति सामान्य है। गंडक नदी के जलस्तर में लगातार कमी आने से पानी की रफ्तार भी धीमी है। ग्रामीण खदरा नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। इधर, तरैया-उसरी मुख्य सड़क पर सानी खराटी और शीतलपट्टी के बीच निर्माणाधीन पुल के डायवर्सन पर पानी चढ़ने की आशंका को देखते हुए संवेदक को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही जेसीबी व मजदूरों की मदद से दोनों ओर मिट्टी डालकर पुल का एप्रोच तैयार किया गया। इसके बाद नवनिर्मित पुल से पैदल, साइकिल और बाइक का आवागमन शुरू कर दिया गया। बड़े वाहनों का परिचालन अभी शुरू नहीं हुआ है। समय रहते एप्रोच तैयार होने से स्थानीय लोगों को आवागमन में राहत मिली है। हालांकि, ग्रामीणों के अनुसार जलस्तर बढ़ने पर निचले इलाकों में आवागमन प्रभावित हो सकता है। प्रशासन व संबंधित विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

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