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20 सितंबर को श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में मुख्यमंत्री का अभिनंदन करेंगे वित्तरहित शिक्षाकर्मी

 

20 सितंबर को पटना में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अभिनंदन कार्यक्रम में शामिल होंगे वित्तरहित शिक्षाकर्मी
वित्तरहित शिक्षाकर्मी 20 सितंबर 2026 को पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का अभिनंदन करेंगे। वेतनमान संबंधी निर्णय के लिए आयोजित होगी आभार सभा।


 छपरा, 14 सितंबर। बिहार के वित्तानुदानित एवं वित्तरहित शिक्षाकर्मियों द्वारा माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी के वेतनमान संबंधी ऐतिहासिक निर्णय के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए आगामी 20 सितंबर 2026, रविवार को पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में अभिनंदन एवं आभार सभा आयोजित की जाएगी। यह कार्यक्रम माननीय विधानपार्षद डा. प्रो. नवल किशोर यादव के नेतृत्व में आयोजित होगा। इसमें सारण सहित राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में वित्तरहित शिक्षाकर्मी शामिल होकर मुख्यमंत्री का अभिनंदन करेंगे।


उक्त जानकारी अनुदान नहीं वेतनमान फोरम, बिहार प्रदेश के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी प्रो. अरविंद कुमार गिरि ने दी। उन्होंने बताया कि शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी द्वारा वित्तानुदानित माध्यमिक विद्यालय, +2 उच्च माध्यमिक विद्यालय/इंटर कॉलेज एवं संबद्ध डिग्री महाविद्यालयों में कार्यरत कर्मियों को वेतनमान देने की आधिकारिक घोषणा से वर्षों से संघर्षरत शिक्षाकर्मियों में नई उम्मीद जगी है। फोरम ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया है।


प्रो. गिरि ने कहा कि वित्तरहित शिक्षाकर्मी पिछले 44 वर्षों से वेतनमान एवं सम्मानजनक सेवा व्यवस्था की मांग को लेकर संघर्षरत हैं। इस दौरान कई सरकारें आईं और गईं, लेकिन मामला अनुदान तक ही सीमित रहा। अनुदान व्यवस्था में भी कर्मियों को लगातार विभिन्न प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष वित्तरहित कर्मियों ने पटना में लगातार 23 दिनों तक अभूतपूर्व आंदोलन एवं भूख हड़ताल की थी। तत्कालीन उपमुख्यमंत्री के रूप में श्री सम्राट चौधरी की पहल पर वित्तानुदानित संस्थानों के कर्मियों के वेतनादि भुगतान से संबंधित सभी पहलुओं की समीक्षा एवं निष्पादन के लिए शिक्षा विभाग के आदेश ज्ञापांक 2829, दिनांक 30.09.2025 द्वारा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में नौ सदस्यीय समिति का गठन किया गया था।


उन्होंने बताया कि फोरम के लगातार प्रयासों के फलस्वरूप 17 जुलाई 2026 को विधानपार्षदों के शिष्टमंडल की मुख्यमंत्री से मुलाकात हुई थी। बैठक में वेतनमान एवं संस्थानों के अधिग्रहण सहित विभिन्न मुद्दों पर सार्थक विमर्श हुआ तथा मुख्यमंत्री ने सकारात्मक आश्वासन दिया था। फोरम की ओर से मुख्यमंत्री को पांच सूत्री सुझाव के साथ संस्थानों की परिसंपत्तियों से संबंधित दस्तावेज भी सौंपे गए हैं।


प्रो. अरविंद कुमार गिरि के अनुसार, राज्य के लगभग 1400 संस्थानों में 50 से 60 हजार कर्मी प्रत्यक्ष रूप से कार्यरत हैं और प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इन संस्थानों के पास लगभग 10 हजार एकड़ भूमि सहित बड़ी मात्रा में परिसंपत्तियां उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि एक ओर अनुदान राशि सीधे कर्मियों के खाते में भेजने की पहल हो रही है, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री द्वारा वेतनमान निर्धारित करने का निर्णय इन कर्मियों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कदम है। फोरम को उम्मीद है कि शीघ्र ही मंत्रिमंडल से निर्णय पारित कराकर वेतनमान लागू करने की ठोस व्यवस्था की जाएगी।


फोरम की प्रमुख मांगें


प्रो. गिरि ने बताया कि फोरम की प्रमुख मांग है कि मान्यता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों, +2 उच्च माध्यमिक विद्यालय/इंटर कॉलेज एवं संबद्ध डिग्री महाविद्यालयों में नियुक्त एवं कार्यरत शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मियों के लिए समकक्ष राज्यकर्मियों के अनुरूप वेतन संरचना निर्धारित कर अनुदान के स्थान पर नियमित मासिक वेतन एवं सरकारी सुविधाएं प्रदान की जाएं।


इसके साथ ही वर्षों तक बिना वेतन सेवा देने के बाद सेवानिवृत्त अथवा दिवंगत हो चुके वित्तरहित शिक्षाकर्मियों एवं उनके आश्रितों के लिए नियमित पेंशन अथवा सम्मानजनक आर्थिक सहायता की व्यवस्था की जाए। फोरम ने वित्तानुदानित/वित्तरहित स्कूल-कॉलेजों की रद्द मान्यता को बहाल कर स्थायी मान्यता देने तथा राज्यहित में आवश्यकतानुसार इन संस्थानों के अधिग्रहण की भी मांग की है।


प्रो. अरविंद कुमार गिरि ने कहा कि 20 सितंबर की आभार सभा केवल अभिनंदन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि वर्षों से संघर्षरत हजारों शिक्षाकर्मियों की आशाओं और अपेक्षाओं को सरकार के समक्ष सकारात्मक रूप से रखने का अवसर भी होगा।

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