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| मकेर थाना क्षेत्र के रेवा घाट पुल पर युवक के नदी में छलांग लगाने के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मौजूदगी में गंडक नदी में खोजबीन की जा रही है। पुल पर युवक की बाइक भी मिली है। |
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक बाइक से रेवा घाट पहुंचा और बिना किसी को संभलने का मौका दिए सीधे नदी में छलांग लगा दी। गोताखोरों की मदद से युवक की खोजबीन जारी है, हालांकि खबर लिखे जाने तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका है। पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचकर मामले की जांच और राहत-बचाव कार्य में जुट गया है।
सुसाइड प्वाइंट बनता जा रहा है रेवा घाट, प्रशासन की अनदेखी पर सवाल
स्थानीय लोगों में इस घटना के बाद से भारी आक्रोश और चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि रेवा घाट का यह पुल अब धीरे-धीरे ‘सुसाइड प्वाइंट’ में तब्दील होता जा रहा है। पिछले महज एक महीने के भीतर ही इस स्थान से 10 से अधिक युवाओं द्वारा नदी में कूदने या आत्महत्या के प्रयास की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
बार-बार हो रही इन दुखद घटनाओं के बावजूद पुल पर सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। क्षेत्र के बुद्धिजीवियों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अविलंब कड़े कदम उठाने की मांग की है।
प्रमुख मांगें:
पुल पर सुरक्षा जाल (Safety Net) की व्यवस्था: रेवा घाट पुल के दोनों ओर ऊंची लोहे की जाली या सुरक्षा घेरा लगाया जाए ताकि कोई छलांग न लगा सके।
CCTV कैमरे और पुलिस गश्त: पूरे पुल परिसर में 24 घंटे निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और पुलिस पिकेट की तैनाती हो।
त्वरित रेस्क्यू टीम: किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए रेवा घाट पर स्थाई रूप से एसडीआरएफ (SDRF) या स्थानीय गोताखोरों की टीम तैनात रहे।
यदि प्रशासन ने समय रहते इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की, तो आने वाले दिनों में यह स्थान और भी कई जिंदगियों को लील सकता है। जरूरत है कि स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन इस गंभीर समस्या पर तत्काल संज्ञान ले।

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