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छपरा व्यवहार न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का हुआ सफल आयोजन:

 

छपरा व्यवहार न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन
छपरा व्यवहार न्यायालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी


छपरा । राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण  के निर्देशानुसार 12 सितंबर 2026 को व्यवहार न्यायालय परिसर, छपरा (सारण) में वर्ष 2026 की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया।

​कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन श्रीमती सच्ची मिश्रा प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार;  रौशन कुमार वरीय पुलिस अधीक्षक; राजीव कुमार सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार;  पूर्णेन्दु रंजन मुख्य लैड्स, जिला विधिक सेवा प्राधिकार,सारण शशि भूषण तिवारी, विधि मंडल के सचिव; द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर सभी न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता संघ के सदस्य, विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक, प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में वादकारी उपस्थित रहे।


इस लोक अदालत में कुल 17 पीठों का गठन किया गया था ​ मामलों की त्वरित सुनवाई एवं निपटारे के लिए व्यवहार न्यायालय परिसर में 17 पीठों का गठन किया गया था। जिसमें 2 बेंच डी टी ओ कार्यालय में तथा 2 बेंच सोनपुर अनुमंडल कोर्ट में गठन किया गया था।

​ लोक अदालत में मुख्य रूप से सुलहनीय आपराधिक मामले, चेक बाउंस (धारा 138 एनआई एक्ट), बैंक ऋण वसूली वाद, मोटर दुर्घटना दावा, वैवाहिक एवं पारिवारिक विवाद (तलाक को छोड़कर), श्रम विवाद, भूमि अधिग्रहण, राजस्व वाद तथा बिजली-पानी बिल एवं ट्रैफिक चालान से जुड़े मामलों की सुनवाई की गई।

​प्री-लिटिगेशन एवं लंबित वाद: वर्षों से न्यायालय में लंबित मामलों के साथ-साथ न्यायालय आने से पूर्व के (प्री-लिटिगेशन) विवादों का भी बिना किसी शुल्क के सौहार्दपूर्ण माहौल में निपटारा कराया गया।

​वादों के निष्पादन में:- 

सभी बैंक का सेटलमेंट  एवं फाइनेंस कंपनी से सेटलमेंट कुल 560000 रुपया प्राप्त हुआ।

​उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्रभारी जिला जज ने कहा कि लोक अदालत का प्राथमिक उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक त्वरित, सुलभ और सस्ता न्याय पहुंचाना है। लोक अदालत में किसी की हार या जीत नहीं होती, बल्कि दोनों पक्ष आपसी सहमति से विवाद समाप्त कर खुशी-खुशी घर लौटते हैं। इससे न केवल समय और धन की बचत होती है, बल्कि समाज में आपसी भाईचारा और सौहार्द भी मजबूत होता है।  

​प्राधिकार के सचिव राजीव कुमार ने उपस्थित सभी वादकारियों, अधिवक्ताओं, बैंक अधिकारियों एवं प्रेस प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से समझौते के तहत निष्पादित मामलों के खिलाफ कोई अपील नहीं होती, जिससे मुकदमों का अंतिम निपटारा सुनिश्चित होता है।


सभी बैंक का सेटलमेंट राशि 44091674 एवं रिकवरी राशि 23350396 एवं न्यायालय द्वारा सेटलमेंट कुल 560000 रुपया हुआ।

न्यायालय द्वारा कुल वाद निष्पादन 987

सोनपुर रेलवे एक्ट प्री लिटिगेशन के तहत 853 वादों का निष्पादन हुआ

डी टी ओ एवं ट्रैफिक निष्पादित चालान 666 कुल रिकवरी 2181872 रुपया हुआ ।

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