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SVU की बड़ी कार्रवाई: अधीक्षण अभियंता राजेंद्र प्रसाद के ठिकानों पर छापेमारी, 3 करोड़ से अधिक की संपत्ति का मामला

 

छपरा गंडक कॉलोनी स्थित लघु जल संसाधन विभाग के कार्यालय में SVU की छापेमारी
छपरा में लघु जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता राजेंद्र प्रसाद के कार्यालय में SVU ने छापेमारी की। आय से अधिक संपत्ति के मामले में छपरा, पटना और मुंबई से जुड़े ठिकानों की जांच हुई।


​छपरा,। बिहार के छपरा शहर स्थित डाक बंगला रोड के गंडक कॉलोनी में लघु जल संसाधन विभाग के कार्यालय में स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। लगभग छह अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष टीम शाम के वक्त अचानक इस कार्यालय में पहुंच गई। टीम ने सीधे अधीक्षण अभियंता राजेंद्र प्रसाद के कक्ष को अपने दायरे में लेते हुए करीब 45 मिनट तक सघन जांच- पड़ताल की है। इस दौरान कार्यालय के मुख्य द्वारों पर पुलिस बल की तैनाती कर दी गई थी, जिससे परिसर पूरी तरह नियंत्रण में आ गया। किसी भी बाहरी व्यक्ति या कर्मचारी को अंदर आने या बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई, जिससे महकमे में हड़कंप मच गया और कर्मचारी असहज नजर आए।


​आय से अधिक संपत्ति और मुंबई में निवेश के खुलासे: 

यह पूरी कार्रवाई अधीक्षण अभियंता राजेंद्र प्रसाद के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर की गई है। शुरुआती जानकारियों के अनुसार, एसवीयू को उनके पास वैध आय के स्रोतों से कहीं अधिक यानी करीब 3 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति होने के पुख्ता सुराग मिला हैं। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि उन्होंने महाराष्ट्र के मुंबई से सटे पनवेल इलाके में लगभग 75 डिसमिल जमीन में बड़ा निवेश किया है। इस जमीन की बाजार कीमत करीब 1.75 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। इसी सिलसिले में पटना स्थित जल भवन और छपरा सहित उनके अन्य ठिकानों पर एक साथ यह दबिश दी गई।


​छापेमारी के वक्त अनुपस्थित रहे अभियंता: 

जिस समय एसवीयू की टीम छपरा के गंडक कॉलोनी स्थित कार्यालय पहुंची, उस वक्त अधीक्षण अभियंता राजेंद्र प्रसाद वहां मौजूद नहीं थे। कार्यालय के कर्मचारियों ने पूछताछ के दौरान बताया कि राजेंद्र प्रसाद मूल रूप से पटना स्थित जल भवन में पदस्थ हैं और उनके पास करीब दो महीने पहले ही सारण प्रमंडल के अधीक्षण अभियंता का अतिरिक्त प्रभार आया है। हालांकि सामान्य तौर पर सप्ताह में एक दिन यानी शनिवार को ही छपरा कार्यालय पहुंचते हैं। उनका परिवार भी मुख्य रूप से पटना में ही निवास करता है। यही वजह है कि छपरा कार्यालय में उनकी भौतिक मौजूदगी नहीं मिल पाई, लेकिन टीम ने उनके कक्ष में मौजूद फाइलों और दस्तावेजों को खंगालने में कोई कसर नहीं छोड़ी।


​दस्तावेजों की पड़ताल और आधिकारिक बयानों का इंतजार: 

लगभग एक घंटे तक चली इस मैराथन जांच के बाद एसवीयू की टीम बिना कोई ठोस बरामदगी की आधिकारिक घोषणा किए वापस पटना के लिए रवाना हो गई। विभागीय कर्मियों के बीच चर्चा रही कि टीम अपने साथ कुछ जरूरी कागजात के नोट्स या डिजिटल डेटा ले गई है, हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। एसवीयू के उच्चाधिकारियों द्वारा अभी तक जब्ती या जांच के निष्कर्षों पर कोई प्रेस नोट जारी नहीं किया गया है। हालांकि स्थानीय विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इस हाई- प्रोफाइल मामले में आय के तमाम स्रोतों और संपत्तियों के मूल्यांकन के बाद ही विजिलेंस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने आएगा, जिसके बाद ही इस कार्रवाई का पूरा सच और वित्तीय अनियमितता की सही तस्वीर साफ हो सकेगी।

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