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प्रसव के बाद 21 वर्षीय महिला की मौत, शिवम नर्सिंग होम सील | मशरक सारण

मशरक सारण में प्रसव के बाद महिला की मौत के मामले में शिवम नर्सिंग होम सील
मशरक के डुमरसन बाजार स्थित शिवम नर्सिंग होम को प्रसव के बाद 21 वर्षीय महिला की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने सील कर दिया।

 मशरख (सारण)। मशरक प्रखंड क्षेत्र में निजी नर्सिंग होम के संचालन और वहां प्रसव के दौरान महिलाओं की मौत को लेकर एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। डुमरसन बाजार में पेट्रोल पंप के समीप संचालित शिवम नर्सिंग होम में प्रसव के बाद एक 21 वर्षीय महिला की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए नर्सिंग होम को सील कर दिया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मशरक के चिकित्सक डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने नर्सिंग होम को सील किया।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से की गई कार्रवाई के बाद क्षेत्र में संचालित अन्य निजी नर्सिंग होम की भी जांच और पूर्व में हुई छापेमारी की कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है। खास बात यह है कि करीब दो माह पहले जिला स्तर पर शिकायत मिलने के बाद एसडीओ निधि राज और डीएसपी संजय कुमार सुधांशु के नेतृत्व में मशरक नगर पंचायत क्षेत्र के पांच नर्सिंग होम में छापेमारी की गई थी। इस दौरान संबंधित नर्सिंग होम के संचालक और चिकित्सकों के मौके से नहीं मिलने की बात सामने आई थी। इसके बावजूद इन संस्थानों पर आगे की कार्रवाई का मामला अब तक लंबित बताया जा रहा है।

प्रसव के बाद बिगड़ी महिला की हालत

सीएचसी मशरक के चिकित्सक डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि दो दिन पूर्व बंगरा गांव निवासी बिट्टू यादव की 21 वर्षीय पत्नी किरण देवी को प्रसव के लिए डुमरसन बाजार स्थित शिवम नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। नर्सिंग होम में प्रसव के बाद महिला की हालत गंभीर हो गई। इसके बाद उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर किया जा रहा था। इसी दौरान महिला की मौत हो गई। मामले की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नर्सिंग होम का निरीक्षण किया और कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया। चिकित्सक के अनुसार, नर्सिंग होम में मरीज को देखने वाले डॉ. सोनल कुमार के संबंध में भी विभाग को रिपोर्ट भेजी जाएगी, ताकि मामले में नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा सके। महिला की मौत के बाद परिजनों में शोक का माहौल है। घटना को लेकर स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद निजी नर्सिंग होम में प्रसव कराने वाली महिलाओं की सुरक्षा और वहां उपलब्ध चिकित्सकीय सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

दो माह में तीन महिलाओं की मौत

स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, पिछले करीब दो महीनों के दौरान मशरक क्षेत्र के अलग-अलग निजी नर्सिंग होम में प्रसव के बाद तीन महिलाओं की मौत के मामले सामने आए हैं। लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने निजी स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यप्रणाली और उनकी निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, प्रत्येक मामले में मौत का वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की ओर से संस्थानों की वैधता, चिकित्सकीय व्यवस्था, प्रसव के दौरान उपलब्ध सुविधाओं, प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की मौजूदगी और आवश्यक मानकों के अनुपालन की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। शिवम नर्सिंग होम को सील किए जाने के बाद अब लोगों की नजर इस बात पर है कि अन्य मामलों में विभाग की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है।


शिकायत के बाद पांच नर्सिंग होम में हुई थी छापेमारी


बताया जाता है कि करीब दो माह पहले जिला स्तर पर शिकायत मिलने के बाद एसडीओ निधि राज और डीएसपी संजय कुमार सुधांशु के नेतृत्व में मशरक नगर पंचायत क्षेत्र में संचालित पांच नर्सिंग होम में छापेमारी की गई थी। छापेमारी के दौरान अधिकारियों की टीम ने संबंधित संस्थानों की जांच की थी। उस समय कई संचालकों और चिकित्सकों के मौके पर नहीं मिलने की बात सामने आई थी। जिन संस्थानों में छापेमारी की गई थी, उनमें मुन्नी मोड़ रेलवे ढाला स्थित मां अम्बे क्लिनिक, यदु मोड़ स्थित मां सिद्धिदात्री हॉस्पिटल, मलमलिया रोड स्थित जनता क्लिनिक, मलमलिया रोड स्थित मां अम्बे क्लिनिक तथा महाराणा प्रताप चौक स्थित अनन्या हॉस्पिटल शामिल बताए जाते हैं। छापेमारी के बाद संबंधित संस्थानों के संबंध में विभागीय स्तर पर जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाए जाने की बात कही गई थी। लेकिन करीब दो महीने बीत जाने के बाद भी इन संस्थानों के विरुद्ध कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं होने से सवाल उठ रहे हैं।


छापेमारी के बावजूद संचालन का दावा


स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन निजी संस्थानों में दो माह पहले छापेमारी की गई थी, उनमें से कई संस्थान अब भी संचालित हो रहे हैं। लोगों का आरोप है कि यदि किसी संस्थान के संचालन में नियमों का उल्लंघन पाया गया था तो जांच के बाद उसके विरुद्ध समय पर कार्रवाई होनी चाहिए थी। ऐसे में विभागीय जांच और आधिकारिक रिपोर्ट के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित संस्थान किन नियमों और मानकों के तहत संचालित हो रहे हैं।


कार्रवाई में देरी पर उठ रहे सवाल


एक तरफ प्रसव के बाद महिला की मौत के मामले में शिवम नर्सिंग होम को सील कर दिया गया है, वहीं दूसरी तरफ पूर्व में हुई छापेमारी की कार्रवाई अब तक पूरी नहीं होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित संस्थान के विरुद्ध समयबद्ध तरीके से कार्रवाई होनी चाहिए। निजी नर्सिंग होम में प्रसव कराने पहुंचने वाली महिलाओं और उनके स्वजन को कई बार संस्थान की मान्यता, चिकित्सक की उपलब्धता और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की पूरी जानकारी नहीं होती। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की नियमित निगरानी और मानकों की जांच जरूरी है।


जांच के बाद ही स्पष्ट होगी जिम्मेदारी


स्वास्थ्य विभाग के सामने अब चुनौती केवल शिवम नर्सिंग होम को सील करने तक सीमित नहीं है। क्षेत्र में संचालित अन्य निजी नर्सिंग होम की भी जांच, उनकी वैधता, चिकित्सकों की योग्यता, उपलब्ध संसाधन और प्रसव संबंधी सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा जरूरी है। वहीं, प्रसव के बाद हुई महिलाओं की मौत के मामलों में चिकित्सकीय कारणों की भी जांच आवश्यक है। मौत किन परिस्थितियों में हुई, मरीज को किस स्थिति में भर्ती कराया गया, प्रसव के दौरान कौन-कौन से उपचार किए गए और गंभीर हालत में रेफर करने में कितना समय लगा—इन सभी बिंदुओं की जांच के बाद ही जिम्मेदारी तय की जा सकती है।


लोगों ने की कार्रवाई की मांग


लगातार सामने आ रहे मामलों को देखते हुए स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से निजी नर्सिंग होम की व्यापक जांच कराने और नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि केवल छापेमारी से समस्या का समाधान नहीं होगा। जांच के बाद यदि अनियमितता मिलती है तो कार्रवाई भी सुनिश्चित होनी चाहिए। लोगों ने यह भी मांग की है कि क्षेत्र में संचालित सभी निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम की सूची तैयार कर उनकी मान्यता और उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की जांच की जाए। प्रसव कराने वाले संस्थानों में प्रशिक्षित चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता, आपातकालीन व्यवस्था और गंभीर मरीजों को समय पर उच्च चिकित्सा केंद्र भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। शिवम नर्सिंग होम को सील किए जाने के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दो माह पूर्व हुई पांच नर्सिंग होम की छापेमारी की जांच में क्या निष्कर्ष सामने आता है और संबंधित संस्थानों के विरुद्ध विभाग किस प्रकार की कार्रवाई करता है। लगातार सामने आ रहे मामलों के बीच लोगों की निगाह अब स्वास्थ्य विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी है।

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