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सिंगापुर में हिंदी दिवस समारोह का भव्य आयोजन, साहित्य-संस्कृति और महिला सशक्तीकरण का दिखा संगम

 

सिंगापुर में हिंदी दिवस समारोह के दौरान भारतीय संस्कृति और हिंदी साहित्य से जुड़ा भव्य कार्यक्रम
साहित्य, संस्कृति, शिक्षा और महिला सशक्तीकरण का दिखा सुंदर संगम - भारतीय उच्चायोग के सहयोग से विश्व साहित्य सेवा संस्थान का आयोजन: 


सिंगापुर,। विश्व साहित्य सेवा संस्थान, सिंगापुर द्वारा हार्बरफ्रंट टावर-2 में हिंदी दिवस समारोह का भव्य आयोजन किया गया। भारतीय उच्चायोग, सिंगापुर के सहयोग से आयोजित इस समारोह में हिंदी भाषा, साहित्य, भारतीय संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा और महिला सशक्तीकरण से संबंधित अनेक प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ हुईं।


समारोह में भारतीय उच्चायोग, सिंगापुर से अरविंद श्रीवास्तव और ज्योति मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इंडोनेशिया से आईं भारत की प्राकृतिक विरासत के क्षेत्र में विश्व रिकॉर्ड धारक इंदु नांदल विशिष्ट अतिथि रहीं। उन्होंने प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किए।

मुख्य अतिथि अरविंद श्रीवास्तव ने हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार और उत्थान में सहयोग देने की बात कही। ज्योति ने अपने मधुर स्वर में ‘वंदे मातरम्’ प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। VSSS-Singapore की अध्यक्ष अनुसूया साहू ने हिंदी को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाने तथा नई पीढ़ी को मातृभाषा से जोड़ने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।


कार्यक्रम का शुभारंभ Divine Dancers की टीम द्वारा भगवान श्रीगणेश की स्थापना के साथ हुआ। Natyaranjini Centre for Dance Excellence की कलाकारों ने भरतनाट्यम शैली में गणेश वंदना एवं सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। माधवी देवु के नेतृत्व में कलाकारों ने ‘ऐगिरी नंदिनी’, ‘शिव तांडव’ तथा राधा-कृष्ण नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों से मंच को जीवंत कर दिया।


शैक्षिक एवं प्रेरक सत्र में डॉ. स्मिता सिंह ने देवनागरी लिपि के महत्त्व पर वक्तव्य दिया। आलोक मिश्रा ने ‘सही राह’ विषय पर प्रेरणादायक संबोधन दिया। विशा सेठ ने योग एवं स्वस्थ जीवनशैली के महत्त्व पर प्रकाश डाला। DAV की शिक्षिका भुवनेश्वरी राज ने ‘डिजिटल युग में हिंदी की आनंदमयी शिक्षा’ विषय पर अपने विचार साझा किए।


साहित्यिक सत्र में संगीता सिंह की बालगीतों की पुस्तक का विमोचन किया गया, जिसकी समीक्षा कमलेश गौड़ ने की। इसी क्रम में लेखिका प्रतिमा सिंह की दो पुस्तकों ‘मेरी कलम मेरा प्रेम’ और ‘Arithmetic of Love’ का भी विमोचन हुआ, जिनकी समीक्षा Kindle Kids International School की प्रिंसिपल निधि पौराणिक ने की।


Kindle Kids International School के विद्यार्थियों ने ‘हिंसा से अहिंसा की ओर’ शीर्षक से भगवान बुद्ध और अंगुलिमाल की कथा पर आधारित शिक्षाप्रद नाटिका प्रस्तुत की। बच्चों ने संदेश दिया कि हिंसा विनाश का कारण है, जबकि अहिंसा समाज में शांति, प्रेम और सद्भाव स्थापित करती है।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में दीपा रेड्डी ने अर्धशास्त्रीय नृत्य और Sarva Fine Arts की कलाकारों ने ‘तराना’ कथक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। Glow Circle की महिला उद्यमियों ने Art Exhibition को प्रोत्साहित करते हुए Business Walk प्रस्तुत किया और अपने व्यवसायों का परिचय दिया, जो महिला सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता का प्रेरक उदाहरण बना।


पुरस्कार वितरण मुख्य अतिथि अरविंद श्रीवास्तव एवं ज्योति द्वारा किया गया, जिसका संचालन नीतू गुजराल ने किया। समारोह में आयोजित काव्यगोष्ठी में सिंगापुर के अनेक कवियों ने भाग लेकर वातावरण को साहित्यिक बना दिया। कार्यक्रम का मंच-संचालन स्नेहा पारिख एवं श्वेता वर्मा सिंघल ने किया।


कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान करते हुए विभिन्न देशों से हिंदी प्रेमियों ने ऑनलाइन वीडियो संदेशों के माध्यम से शुभकामनाएँ दीं। इनमें दुबई से डॉ. अमृता बिसारिया, भारत से दिनेश बावरा, गोविंद गुप्ता, मीना गोदारा, रोहित शर्मा, अदिति शुक्ला, लंदन से विवेक रंजन श्रीवास्तव, अमेरिका से नंदिनी राय, डॉ. देवेंद्र तोमर और डॉ. आर. कल्पना शामिल रहे। वीडियो निर्माण में पल्लवी सिंह ने विशेष सहयोग दिया।


समारोह की सफलता में राम यादव, मनोज, स्मिता कुँवर विवेक, परीक्षित शुक्ला, अन्नू मलानी, मिथुन मलानी, श्रेया साहू, शिखा साहू, मन्नू कहार और गौरी सहित सभी स्वयंसेवकों का महत्त्वपूर्ण योगदान रहा। आयोजन स्थल में सहयोग के लिए जोसलीन लो के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया गया।


समापन पर VSSS-Singapore ने सभी अतिथियों, कलाकारों, वक्ताओं, साहित्यकारों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और दर्शकों के प्रति आभार प्रकट किया। आयोजन ने ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना को साकार करते हुए संदेश दिया कि सामूहिक प्रयासों से हिंदी भाषा और भारतीय संस्कृति को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दी जा सकती है।

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